TEACHERS BEHAVIOUR WITH STUDENT

 गुरु र देवो महेश वराय :- और यह सच भी है 

गुरु हि हमारे लिए भगवान होता है क्योंकि गुरु के ज्ञान से हि हम जीवन जीना सीखते है 

ज्ञान के बिना यह संसार सिर्फ मोह माया है 

जीवन मे पढ़ाई का महत्व और साथ मे शिक्षक की भूमिका :-

आज के इस टेक्निकल युग मे अगर हमे बसिक ज्ञान नहीं या फिर अक्षर ज्ञान नहीं है 

तब हम अपने जीवन मे इस टेक्नॉलजी मे पिछड़े रह सकते है 

और यह हमारे लिए एक अभिशाप की तरह हो जाता है 

इसलिए जीवन मे पढ़ाई का महत्व तो बहुत है 

पढ़ाई के साथ साथ एक टीचर की भी अहम भूमिका हो जाती है 

लेकिन आज हम सोशल मीडिया पर आए दिन टेयचर्स न्यूज मे रहते है 

कभी अच्छे काम के लिए तो कभी बुरे काम के लिए 

लेकिन अच्छाई कम बुराई ज्यादा देखने को मिलती है सोशल मीडिया पर 

क्या हमे कही सुधार करने की आवश्यकता है 

हा हमे कुछ सुधार करने की आवश्यकता तो है 

और वो है टीचर का ब्यवहार 

teachers behavior :-

एक टीचर का व्यवहार कैसा हो इस पर हमे बात करने और सुधार करने की जरूरत है 

क्योंकि टीचर के अंदर जितना सुधार होगा उतना हि समाज सुधरेगा 

जैसे मकान बनाने वाले मिस्त्री मे जितनी अच्छी कला होगी वो उतना ही अच्छा 
मकान बनाएगा 

उसी प्रकार टीचर के अंदर जीतने अच्छे मूल्य होने वो उतने ही अच्छे बच्चे यानि देश कि नींव तैयार करेगा 

सबसे पहले तो आज के टेयचर्स मे टेक्नॉलजी की समझ होनी बहुत ज्यादा जरूरी है 

मैंने आपने आस पास बहुत बार सुना है की उस टीचर के साथ अनलाइन फ्रॉउड़ हो गया या फिर उसने 

पैसे डबल करने वाली कंपनी मे पैसे लगा दिए 

अगर टेयचर्स इन फ्रॉउड़ का शिकार होंगे तब वो बच्चे को कैसे समझा पाएंगे टेक्नॉलजी के बारे मे 

वो तो खुद इस टेक्नॉलजी के बारे मे नहीं जानते है 

इसलिए टेयचर्स को टेक्नॉलजी के बारे मे बसिक जानकारी होना बहुत जरूरी है 

मॉरल वैल्यूस , नैतिकता 

आज हम देखते आए दिन कुछ अनैतिक पोस्ट हमे देखने को मिलती है 

किसी स्कूल और कॉलेज की 

इसलिए हमे टेयचर्स के अंदर नैतिक मूल्यों को बढ़ाना होगा 

टीचर कोई साधारण इंसान नहीं होता 

उसके कंधों पर देश के निर्माण का दायत्व होता है 

इसलिए उसके अंदर नैतिकता होनी बहुत ज्यादा जरूरी है 

बच्चे के साथ टीचर का व्यवहार :-

आज के बच्चों के साथ एक टीचर गुरु बनकर या रोब दिखा कर नहीं रह सकता है 

उनके साथ फ्रेंड की तरह रहना चाहिए 

फ्रेंड की तरह रहने का मतलब है बच्चों के साथ कोई मार पीट नहीं 

ज्यादा गुस्सा भी नहीं 

व्यवहार एसा हो की बस अहसास करवा दे बच्चे को की उसने गलती है उसके अलावा उसे जोर जोर डाटना ,पीटने

 यह ब्यवहार कभी नहीं होना चाहिए 

बच्चे समझते है समझने से वो कोई जानवर नहीं होते की उन्हे पीटेंगे तभी मानेगे 

इसलिए पढ़ाओ गुरु बनकर समझाओ दोस्त बनकर 

attitude प्रॉब्लेम :-

मैंने देखा है कि कुछ टीचर इतने रोब मे रहते है की उनको स्टूडेंट्स की फीलिंग की कदर हि नहीं रहती 

उनके अंदर यह अहम आ जाता है की मै तो शिक्षक हु 

मै बच्चों के साथ हमेशा कठोर हि रहूँगा 

एसा नहीं होना चाहिए 

टीचर का ऐटिटूड एसा होना चाहिए की मरे उपेर एक बहुत बड़ी जीमेदारी है जिसको मुझे अच्छे से निभानी है 

मेरा यह व्यवहार कई बच्चों को जीवन मे रूखा बना सकता 

मुझे अपना व्यवहार एसा रखना है की बच्चे उम्र भर बोले की यह अच्छाई हमने हमारे टीचर से सीखी है 


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