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181 पर संपर्क करने से क्या होता है

 online शिकायत करने से क्या होता है , यह मैंने आज कुछ एसा अनुभव किया जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था  आप को मै रियल घटना बताती हु  हमारे घर के सामने कोई सरकारी जमीन थी उस पर स्थानीय लोग अपने बाप दादाओ की जमीन बता कर कब्जा कर रहे थे  और उस जमीन के कब्जा होने से हमारा रास्ता ब्लॉक हो रहा था  लेकिन मेरे परिवार वालों ने पंचायत का मुद्दा बोलकर कुछ समय से उसे टाल रहे थे  लेकिन आज कुछ लोगों ने तो घर के सामने हि तारबंदी करनी शुरू कर दी जिससे मुझे टेंशन होने लगी की कल बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे  इसलिए हम बच्चों ने मिलकर अनलाइन शिकायत अपने घर के बड़ों लोगों से फोन ले कर कर दी  जिससे हमारी शिकायत का तुरंत संज्ञान लिया गया क्योंकि हम ने एक साथ सभी बच्चों ने अलग अलग फोन से की  जिससे हमारा मुद्दा जल्दी से संज्ञान मे आ गया था  और हमारे अनलाइन शिकायत के 2 घंटे मे ही हमारी तहसील की पटवारी मैडम ने तुरंत आकर हमारे हमारा मुद्दा पूछा  हम ने बता दिया सरकारी जमीन पर अतिक्रमण आप अपनी आँखों से देख सकते हों मैम  फिर क्या था  पटवारी जी ने अतिक्रमण वाले व्य...

School Management :- प्रबंधन के माध्यम से एक आदर्श स्कूल कैसे बनाए

 मेरा उद्देश्य है की मै भी अपना एक स्कूल खोलू उसे एक आदर्श विध्यालय बनाऊ  मै अपने स्कूल को आदर्श स्कूल बनाने के लिए प्रबंधन नीतियाँ कुछ इस प्रकार रखूंगी  स्कूल मे टीचर और स्टूडेंट्स दोनों पर समय पर आने की पाबंधी :- एसा इसलिए की जब टीचर समय पर आएंगे तो बच्चे भी समय पर आएंगे , क्योंकि टीचर बच्चों के रोल मॉडल होते है  और समय की पाबंधी से बच्चों मे अनुशासन आएगा  अनुशासन जीवन को आसान बना देता है  इसलिए बच्चों को स्कूल मे समय पर  आने और समय का सही प्रबंधन  टीचर के व्यवहार के माध्यम से हम बच्चों को सिखाएंगे  स्कूल के लिए सबसे जरूरी होता है वित्तीय प्रबंधन :- सरकारी स्कूल मे तो शिक्षक को तय समय मे सैलरी मिल जाती है लेकिन समस्या प्राइवेट स्कूल के प्रबंधक के सामने आती है  प्राइवेट स्कूल को वित्त को सही तरीके नहीं प्रबंधन करने पर स्कूल बंद भी हो सकती है  उनके लिए वित्त का स्त्रोत भी बच्चे होते है  अब पेरेंट्स कभी कभी तय समय पर फीस जमा नहीं करवा पाते है  या फिर कुछ पेरेंट्स एक साथ जमा करवा देते है  कुछ पेरेंट्स किस्तों मे जमा करव...

MODERN SChOOL INFRASTRUCTURE FOR STUDENTS: स्कूल का वातावरण कैसा हो

 मै अपने बच्चों को किस तरह के स्कूल मे डालु , यह बात हर माता पिता सोचते जब उनका बच्चा स्कूल जाने के किए तैयार हो जाता है  वो इधर उधर से राय भी लेते है और स्कूल मे भेजते है  आज मै यह आर्टिकल उन माता पिता के लिए लिख रही हु जो यह सोचते है  अपने बच्चों को किस तरह के स्कूल मे भेजे वहा का वातावरण कैसा हो  बच्चों के लिए कोनसा स्कूल बेस्ट है :- बच्चों के लिए बो स्कूल बेस्ट है जहा पर बच्चा बंदी नहीं बल्कि आजादी महसूस करे  अपने दोस्तों के साथ एक सुनहरा बचपन जिए  उसके लिए हमे स्कूल कॅम्पस देखना होगा  स्कूल मे बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त खेल ने के  ग्राउन्ड हो :- हम सबसे पहले स्कूल मे बच्चों के खेलने के मैदान देखने है  क्योंकि एक बच्चा जब अपने दोस्तों के साथ इंटेरवेल मे खेलता है  तब वह सामाजिक मूल्यों को सीखता है  उसके अंदर सहयोग की भावना का विकास होता है  वो शारीरिक रूप से भी स्वस्थ्य होता है खेलने से  इसलिए स्कूल को इस आधार पर हि मत देखे की बच्चा स्कूल मे जाकर कितने घंटे रटटा मार सकता है  बल्कि यह भी देखे की बच्चा की ब...

क्या इंडिया मे प्राइवेट स्कूले बंद हो सकती है

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 नहीं , क्यों बंद नहीं हो सकती  क्योंकि जब तक नीति निर्माताओ के बच्चे प्राइवेट स्कूल मे जाना बंद नहीं करेंगे तब तक सरकरी स्कूल मे सुधार नहीं होगा  सुधार नहीं होने पर नोकरी पैसे वाले लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल मे हि भेजेंगे  हमारे यहा जो लोग नीतीया बनाते है वही नीतिया उन लोगों पर लागू नहीं होती यानि की वो खुद इसकी पालना नहीं करते है  बात कड़वी लग सकती है लेकिन अपने आस पास आप इस चीज का आभास कर सकते है  प्राइवेट स्कूल बिजनस कैसे बन गई :- इसको सिम्पल शब्दों मे कहू तो :- सरकरी टीचर की कमियों की वजह से क्योंकि  जो जो कमिया सरकारी स्कूल मे  रही उन कमियों का फायदा उठाकर प्राइवेट स्कूल आगे निकल गई  सरकार का स्कूलों पर सही ध्यान न देना और अपनी कमिया ना सुधार पाने की वजह से सरकारी सकूले पीछे रह गई  जो कमियाँ सरकार को सुधारणी थी उन कमियों को निजी लोगों ने सुधरने की कोसिस की  जब इन कमियों के सुधार से उन्हे मुनाफा होने लगा तब उन्होंने इसको दायत्व नहीं बल्कि बिजनस बना लिया  आज भी आप देख लो मूल भूत सुविधा मे प्राइवेट सकूले अच्छी सुविधा द...

TEACHERS BEHAVIOUR WITH STUDENT

 गुरु र देवो महेश वराय :- और यह सच भी है  गुरु हि हमारे लिए भगवान होता है क्योंकि गुरु के ज्ञान से हि हम जीवन जीना सीखते है  ज्ञान के बिना यह संसार सिर्फ मोह माया है  जीवन मे पढ़ाई का महत्व और साथ मे शिक्षक की भूमिका :- आज के इस टेक्निकल युग मे अगर हमे बसिक ज्ञान नहीं या फिर अक्षर ज्ञान नहीं है  तब हम अपने जीवन मे इस टेक्नॉलजी मे पिछड़े रह सकते है  और यह हमारे लिए एक अभिशाप की तरह हो जाता है  इसलिए जीवन मे पढ़ाई का महत्व तो बहुत है  पढ़ाई के साथ साथ एक टीचर की भी अहम भूमिका हो जाती है  लेकिन आज हम सोशल मीडिया पर आए दिन टेयचर्स न्यूज मे रहते है  कभी अच्छे काम के लिए तो कभी बुरे काम के लिए  लेकिन अच्छाई कम बुराई ज्यादा देखने को मिलती है सोशल मीडिया पर  क्या हमे कही सुधार करने की आवश्यकता है  हा हमे कुछ सुधार करने की आवश्यकता तो है  और वो है टीचर का ब्यवहार  teachers behavior :- एक टीचर का व्यवहार कैसा हो इस पर हमे बात करने और सुधार करने की जरूरत है  क्योंकि टीचर के अंदर जितना सुधार होगा उतना हि समाज सुधरेगा  ...